धार्मिक कलाप
धार्मिक अनुष्ठानों में गाय की महत्ता
हमारी संस्कृति में गायों और मंदिरों में एक मजबूत रिश्ता है ।
- गाय को दैविक माना गया है ।
- दिन गाय की पूजा से शुरू होता है ।
- गाय को खिलाना और उसकी पूजा करना दैविक अनुष्ठान है ।
- पारिवारिक उत्सवों में गाय की प्रधानता है ।
- ऐसे अनेक त्योहार हैं जहाँ गाय प्रमुख होती है ।
- अनेक मंदिरों के प्रवेशद्वार पर गाय का छप्पर होता है जिससे पवित्रता की भावना बढ़ती है ।
- पंचगव्य से सफाई और शुद्धि की हमारी परंपरा है ।
- भगवान की मूर्तियों को दूध, दही और घी से स्नान कराते हैं ।
- पवित्र प्रदीप प्रज्जवलन हेतु हम घृत का प्रयोग करते हैं । देवताओं को भी घी का नैवेद्य चढ़ाते हैं ।
- भगवान के प्रसाद में घी और दूध डाला जाता है ।
- देवताओं के शृंगार में मक्खन का प्रयोग होता है ।



