औषध

औषधि रूप में गो उत्पाद

विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वास्थ्य को शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पूर्णता का सम्मिश्रण मानता है । उसका यह भी अनुमान है कि २०२० तक जीवाणु (बैक्टीरिया) एंटीबायोटिक्स के प्रभाव से मुक्त हो जायेंगे । पर हमें इसका भय नहीं है । हम पंचगव्य दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर पर भरोसा कर सकते हैं । यह सब अलग-अलग और एक सम्मिश्रण के रूप में श्रेष्ठ औषधीय गुण रखते हैं, वह भी बिना किसी परावर्ती दुष्प्रभाव (साइड एफेक्ट) के । इसके अतिरिक्त यदि हम कोई अन्य औषधि ले रहे हैं तो पंचगव्य एक रासायनिक उत्प्रेरक (कैटलिस्ट) का काम करता है ।

प्रचीन आयुर्वेद शास्त्र बताते हैं कि गोमूत्र सेव्न से रोग प्रतिरोधक क्षमता १०४% तक बढ़ जाती है ।

पंचगव्य से स्वास्थ्य लाभ :

गोमूत्र अर्क

गोमूत्र अर्क

  • दूध : चरक संहिता के अनुसार दूध सर्वश्रेष्ठ जीवन शक्तिदाता है । दूध में पाये जाने वाला केसिन प्रोटीन शिशुओं की वृद्धि में सहायता करता है, चूना (कैल्शियम) और गंधक (सल्फर) हमारी अस्थियों को मजबूत बनाते हैं । दूध विटमिन-डी और बी-कांपलेक्स से भरपूर होता है ।
  • दही : पेचिश रोकता है, मोटापे का नियंत्रण करता है और कैंसर प्रतिरोधक है ।
  • घी : बुद्धि और सौंदर्य को बढ़ाता है । नेत्र रोगों में उपयोगी होता है ।
  • गोमूत्र अर्क : फ्लू, गठिया (अर्थराइटिस), जीवाणु जनित रोगों, विषाक्त भोजन के दुष्प्रभावों, अपच, एडीमा और कोढ़ के उपचार में लाभदायक है ।
  • पंचगव्य मिश्रण : पंचगव्य घृत, अमृतसार, घनवटी, क्षारवटी, नेत्रसार आदि औषधियाँ आयुर्वेद में बहुमूल्य मानी जाती है ।

copyright©2009 www.gougram.org All Rights Reserved. Powered by Dhyeya Tech