गाय की भूमिका
पारिसारिक
पर्यावरण और गाय
कृषि, खाद्य, औषधि और उद्योगों का हिस्सा के कारण पर्यावरण की बेहतरी में गाय का बड़ा योगदान है ।
प्राचीन ग्रंथ बताते हैं कि गाय की पीठ पर के सूर्यकेतु स्नायु हानिकारक विकीरण को रोख कर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं । गाय की उपस्थिति मात्र पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान है [...]
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कृषि
गो आधारित कृषि के लाभ
भारतीय कृषि में विविधता है । ऐसा कोई कृषि उत्पाद नहीं है जो हम नहीं उगाते । हमारी भूमि पर हर प्रकार के अन्न, दालें, सब्जियाँ, फल, कपास और रेशम पैदा होते हैं । हमारी ८०% से अधिक आबादी का पेशा खेती है । इनमें से अधिकांश का एक या दो [...]
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परिवहन
परिवहन में पशुओं की भूमिका
भारत के ६ लाख गांवों में से बहुतों में यातायात योग्य डामरवाली सड़कें नहीं हैं । पहाड़ी क्षेत्रों में जहाँ घोड़े कदम नहीं रख सकते, बैल आसानी से गाड़ियाँ खींच सकते हैं ।
बैलगाड़ी की श्रेष्ठता :
विश्व के विशालतम रेललाइन समुह भारतीय रेलवे ने वर्ष २००४-०५ में ५५.७ करोड़ टन माल ढोया [...]
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आहार
गाय से भोजन : शुरु से आखिर तक
अपने बच्चे का पालन करने वाली माँ स्वयं अपने पोषण हेतु गाय के दूध पर निर्भर है । माँ अपने बच्चों को साल-दो साल अपना दूध पिलाति है, उसके बाद तो आजीवन गाय की शरण ही बचती है । गाय अपने बछड़ों को दूध पिलाती है और हमारे [...]
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औषध
औषधि रूप में गो उत्पाद
विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वास्थ्य को शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पूर्णता का सम्मिश्रण मानता है । उसका यह भी अनुमान है कि २०२० तक जीवाणु (बैक्टीरिया) एंटीबायोटिक्स के प्रभाव से मुक्त हो जायेंगे । पर हमें इसका भय नहीं है । हम पंचगव्य दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर पर भरोसा [...]
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उद्यम
उद्यम में गाय की भूमिका
गाय के दूध और दुग्ध पदार्थों से स्वास्थ्यकारी व्यंजन और खाद्य पदार्थ बनाये जाते हैं । गो पदार्थ, कैंसर, तनाव, उच्च रक्त चाप, मधुमेह, हृदय रोग, स्नायुरोग, मनोरोग, चर्मरोग, कान, नाक, दंत रोंगों, ज्वर, सर्दी, केश क्षरण के उपचार में प्रभावी होते हैं । इनका उपयोग साबुन, शैंपू और सौंदर्य प्रसाधनों [...]
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युद्ध क्षेत्र
युद्ध क्षेत्र में गाय की भूमिका
हमारी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ती करने के अलावा गायों ने हमारे लिए लड़ाइयाँ भी लड़ी हैं ।
इतिहास के पन्नों में :
हैदराली जब मैसूर के शासक थे, हैदराबाद के निजाम ने चित्रदुर्ग किले पर आक्रमण किया । हैदराली की सेना में अमृत महल बैलों की एक टुकड़ी थी । उसने २३७ [...]
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धार्मिक कलाप
धार्मिक अनुष्ठानों में गाय की महत्ता
हमारी संस्कृति में गायों और मंदिरों में एक मजबूत रिश्ता है ।
गाय को दैविक माना गया है ।
दिन गाय की पूजा से शुरू होता है ।
गाय को खिलाना और उसकी पूजा करना दैविक अनुष्ठान है ।
पारिवारिक उत्सवों में गाय की प्रधानता है ।
ऐसे अनेक त्योहार हैं जहाँ गाय प्रमुख होती [...]
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भावनात्मक स्थर
हृदय स्पर्शी…
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अर्थ व्यवस्था
अर्थ व्यवस्था में गाय की भूमिका
हमारे ८०% लोग कृषि पर निर्भर है । इनमें से ९५% पशु आधारित खेती पर निर्भर हैं ।
भारत में सर्वाधिक दूध होता है ।
बैलगाड़ियों द्वारा ढोया जाने वाले सामान रेलगाड़ियों से ४-५ गुणा अधिक होता है । इससे विदेशी मुद्रा की उल्लेखनीय बचत होती है । उदाहरणार्थ वर्ष [...]


