परिचय

गाय : एक अंतरंग परिचय

गाय

गाय

हम में से जो गांवों में पले-बढ़े हैं, उनके लिए गाय का उल्लेख यादें ताजा कर देती है । हमारी पौ फटती थी घर के निकट के गाय के छप्पर से । माताओं के लिये गाय दोहन एक प्रातः कालीन प्रिय कार्य था । एक चमकतें बर्तन के साथ गो छप्पर में जाकर माताएँ गाय को उसके प्रिय नाम से पुकारते हुए प्यार से थपथपातीं । गाय जितना दूध परिवार के लिये छोड़ती, पूरे परिवार, विशेषकर बच्चों के भरपूर पोषण के लिये पर्याप्त रहता, जैसे कि गाय अपने बछड़े को पोषती हो ।

गाय एक गतिमान मंदिर है । तैतीस करोड़ हिंदू देवी-देवताओं के समूह का निवास । गाय जो कि एक चलता फिरता अस्पताल है, ने अमूल्य औषधि के रूप में पंचगव्य दिया है । गाय विश्व की माता है (गावों विश्वस्य मातरः) । वह कृषि, यातायात, खाद्य, औषधि, उद्योग, खेल-कूद, धार्मिक अनुष्ठानों, अर्थव्यवस्था और हमारी भावनात्मक स्थिरता में सहायक है । अति प्राचीन काल से गाय का भारतीय समाज में एक विशिष्ट स्थान है ।

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