यात्रा के बाद
हमारा मार्ग, भूमिका और यात्रा पश्चात प्रयास
हमारा मार्ग : यह सामाजिक क्ल्याण की केवल शुरुवात है । हमारे सामने सकारात्मक कार्य और जुड़ी हुई चुनौतियाँ हैं । यद्यपि गाय विस्संदेह दैविक है पर आज के व्यापारी युग में आर्थिक लाभ ही सफलता का मापदंड है । इस वास्तविकता को स्वीकार कर हमें गो आधारित उद्योगों की स्थापना से गो पालन को लाभप्रद बनाना है ।
हमारी भूमिका : हमें जन साधारण को गो पालन के लाभों से अवगत कराना है । हमें उनको अमीर और गरीब के बीच की दूरी को कम कर, सामाजिक न्याय का विश्वास दिलाना होगा ।
हमारा प्रयास : बची हुई ३३ भारतीय प्रजातियों का संरक्षण और संवर्धन । गायों के लिए चरने योग्य भूमि की व्यवस्था ।
आंदोलन के संदेश का प्रचार और देश कल्याण में इसके महत्व का सरकार को विश्वास दिलाना है । गोपालन प्रारंभिक रूप में कृषक के घर से हो सकता है । अतः हमें कृषक को गोपालन के लाभ समझाने होंगे । प्रथम लक्ष्य होगा गो आधारित उत्पादों के प्रसार से गोपालन को लाभप्रद बनाना ।
हमें गो उत्पादों की नई संभावनाओं का पता लगाने के लिए गंभीर शोध करनी होगी । जिलों और तहसीलों में गो आश्रय स्थल बनाने होंगे ।



