हर एक की भूमिका
हर एक की भूमिका
हमारे जीवन को सोद्देश्य बनाना इस आंदोलन का उद्देश्य है । यह यात्रा विश्व के समस्त जीवों जिनमें मनुष्य और गाय शामिल है, का ध्यान रख कर चलेगी । इस संकल्प के साथ कि किसी भी प्राणी को उसके प्राणों और भोजन से वंचित नहीं किया जायेगा । इस भले और पवित्र संदेश को हृदयंगम और मुखरित करते हुए हममें से प्रत्येक का दायित्व है इस यात्रा में सहभागी बनना ।
यह हमारे जीवन में अनवरत चलने वाली यात्रा का आरंभ बिंदु मात्र है । इसकी सफलता हेतु कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं । प्रत्येक इकाई का एक अलग ढांचा और भूमिका है ।
धार्मिक संस्थान : सरकारी अधिकरणों से समन्वय कर आगे का रास्ता दिखा सकते हैं ।
सरकार : सरकार को नागरिकों की स्थिति में सुधार के संकल्प को दृढ करना चाहिए । सेवाओं की संख्या और गुणवत्ता के बारे में कोई समझौता नहीं हो सकता । पूर्वकाल की हरित क्रांति ने हमें खाद्य के साथ थोड़ा विष भि दिया तो श्वेत क्रांति ने दूध के नाम पर जहर । सरकार इन कारणों से प्रभावित व्यक्तियों की चिकित्सा द्वारा एक उपलब्धि कर सकती है । पर यह लाभप्रद नहीं है । सरकार गायों के कल्याण हेतु एक नया मंत्रालय बना सकती है, वर्तमान कानूनों को सही रूप में लागू पर सकती है और उद्देश्य की प्राप्ति हेतु नये कानून बना सकती है । चरने योग्य दखल की हुई भूमि को मुफ्त कराकर गायों के उपयोग हेतु समर्पित किया जाये । सरकार जिला और तहसील स्तर पर आदर्श पशु फार्म बना सकती है और गायों और पशुपालन प्रजन्म को प्रतिबंधित कर सकती है । भारतीय प्रजातियों को देशी तकनीक द्वारा हरित और श्वेत क्रांति में प्रोत्साहित कर सकती है । गो आधारित खाद्य पदार्थ, औषधि, खाद्य, कीटनियंत्रक, ईंधन और बिजली हेतु गोबर गैस का प्रसार कर हम गो पालन को लाभ दायक बना सकते हैं ।
किसान : किसान लाभप्रद गो आधारित कृषि अपना सकता है । दूध प्राप्ति के अलावा, वह अन्य गो आधारित उत्पादों का लाभप्रद उपयोग कर उनकी अजैविक उत्पादों पर वरीयता का अनुभव कर सकता है । लंबी अवधी के लाभ को ध्यान में रखकर वह बैलों को कृषि कार्य में गो खाद को खेती में और गो मूत्र को कीट नियंत्रकों में लगा सकता है ।
उद्योगपति : एक अनोखा उदाहरण – गोमूत्र के अर्क से असाध्य कैंसर रोग ठीक हो सकता है । विभिन्न गो पदार्थों में ऐसी अद्वितीय विशेषतायें हैं । यह उत्पाद हमारे समाज के लिए अभी नये हैं और उद्योगपति असमंजस में हैं । उनको कुछ जोखिम उठाकर गो उत्पादों को बाज़ार में लाना चाहिये । अंततः क्रेता और विक्रेता दोनों लाभान्वित होंगे, ऐसा हमारा विश्वास है ।
संभावित उत्पाद – भारतीय प्रजाति की गायों से : दूध और दुग्ध उत्पाद, स्वस्थ भोज्य पदार्थ, कैंसर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक रोग, चर्म रोग, कान-नाक-दांत की समस्याएँ, ज्वर, सर्दी, खांसी, केश क्षरण आदि व्याधियों के लिये प्रभावी साबुन, शैंपू और विभिन्न सौंदर्य प्रसाधन, खाद और कीट नियंत्रक, रसोई ईंधन, बिजली सभी संभव है ।
याद रहे, उद्योगपति सिर्फ अकेले मुनाफा कमाने की न सोचें बल्कि प्रयासों में सहभागी सबको, साझेदार बनायें ।
वैज्ञानिक, पत्रकार, कलाकार, श्रमिक और आम नागरिक : अपने मूल्यों की प्राप्ति के लिए आप का क्या योगदान होगा तय करें । आप जो रास्ता चुनेंगे वह दूसरों के लिए अनुकरणीय हो सकता है ।




