सिद्धता प्रवास
निरंतर चार महीनों का सिद्धता प्रवास
विश्व मंगल गो ग्राम यात्रा के संघटन के लिए निरंतर चार महीनों का ‘सिद्धता प्रवास’ किया गया ।
अक्तूबर १५, २००८ से फरवरी १५, २००९ तक प्रवास हुआ । प्रवास हैदराबाद में शुरु होकर बेंगलूर में समाप्त हुआ ।
इन चार महीनों में पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राघवेश्वरभारती स्वामीजी देश के चारों ओर जाकर, यात्रा संदेश को चारों दिशाओं को फैलाया ।
कुल २६ केंद्रों में सिद्धता सभायेँ हुई । उन सभाओं में संत, धर्माचार्य, सरकार के प्रतिनिधि, गोशाला प्रतिनिधि, सावयव कृषक, वैद्य, पशुवैद्य, पत्रकर्त एवं बाकी सभी गोभक्त पधारे थे ।
१. अक्तूबर, २००८ में :
सभा : हैदराबाद, विजयवाडा, चेन्नै
गण्य-मान्यों की उपस्थिति : जगन्नाथ पीठ के पूज्य श्री श्रीनिवास व्रतधारि रामानुज जीयर स्वामीजी, पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री अभिनवोद्दंड नृसिंहभारती स्वामीजी, यादव महासभा का अखिल भारत प्रधान कार्यदर्शि श्री टि.एन. सिंग, यादव महासभा का अखिल भारत कार्यदर्शि श्री लक्ष्मण यादव, आंध्रा पशुसंगोपन सचिव श्री सि. मंडलि बुद्ध प्रसाद, आंध्रा के उद्यमि श्री के.एन. राव, तमिलनाडु का भूतपूर्व शासक श्री के.एस. अलगिरि, तमिलनाडु आर.जे.डि. घटक का अध्यक्ष श्री ए.पि. केशवन
२. नवंबर, २००८ में :
सभा : एर्नाकुलं, हरिद्वार, वृंदावन, दिल्ली, कुरुक्षेत्र, लुधियाना
गण्य-मान्यों की उपस्थिति : कार्पोरेषन बैंक का डि.जि.एम. श्री एम. नारायण भट, पत्रकर्त श्री एम.जे. जोसेफ, वेचूर नसल संरक्षण में जुडी डा. सूसम्म, परमार्थ निकेतन का पूज्य श्री चिदानंद सरस्वती स्वामीजी, जैन संत पूज्य श्री कमलेश मुनीजी, पूज्य श्री आचार्य विजय रत्नसुंदर सुरीश्वरजी, पूज्य श्री चक्रपाणि स्वामि महाराजजी, विश्व हिंदू परिषद का अध्यक्ष माननीय श्री अशोक सिंघालजी, श्री भय्याजी जोशी, वृंदावली कुटिया के पूज्य श्री कृष्णानंदजी महाराज
३. दशंबर, २००८ में :
सभा : शहातलै (हिमाचल प्रदेश), कोल्कत्ता, सिलिगुरि, पट्ना, काशि, लक्नो
गण्य-मान्यों की उपस्थिति : महंत श्री सूरतनाथजी महाराज, पूज्य श्री मौलाना अत्तर अन्वर रिज्वि-शिया मौल्वि, रेवरेंड फादर पि.एस.पि. राजु, पूज्य श्री खाजि फज्बर रहमान-सुन्नि मौल्वि, जैन संत पूज्य श्री मुनि मणिकुमारजी, सिख संत पूज्य डा. सुखवंत सिंग, हिंदू संत पूज्य श्री विजय योगि, पूज्य श्री शाजानंद सरस्वतीजी, बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदीजी, बोधिगया बौद्ध मंदिर का प्रधान अर्चक, पूज्य श्री प्रपन्नाचार्यजी महाराज, पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठाधिपति श्री वासुदेवानंद सरस्वती स्वामीजी
४. जनवरी, २००९ में :
सभा : भुवनेश्वर, राँचि, जैपुर, कर्णावति, मुंबै, पुणे, इंदोर
गण्य-मान्यों की उपस्थिति : पुरि शंकराचार्य पीठ के पूज्य श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य श्री निश्चलानंद सरस्वती स्वामीजी, श्री भगवानदासजी महाराज, ओरिस्सा कृषि सचिव श्री सुरेंद्र नायक, ओरिस्सा पशुसंगोपन सचिव श्री गोलक नायक, पूज्य श्री आचार्य महाप्रज्ञजी, जैनाचार्य पूज्य श्री प्रकर्षसागरजी, श्री प्रवीणभाय तोगाडिया, पूज्य श्री स्वामी दयानंद सरस्वतीजी
५. फरवरी, २००९ :
सभा : नागपुर, रायपुर, जबलपुर, बेंगलूर
गण्य-मान्यों की उपस्थिति : कबीर दर्बार का पूज्य कबीर संत, शहदानि दर्बार का पूज्य श्री युधिष्ठिरजी महाराज





