रूप्ररेखा

यात्रा की रूपरेखा

  • विषय वस्तु : गाय संसार की माता है ।
  • संकल्प : गाय की रक्षा मेरा पवित्र कर्तव्य है ।
  • नारा : जो गाय को बचाये, गाय उसे बचाये ।
  • लक्ष्य : गो भक्ति से ग्राम प्रगति करें, ग्रामों की प्रगति से राष्ट्र की प्रगति हो, जिससे संसार की प्रगति हो ।
  • माध्यम : गाय
  • संदेश : चलें गाँव की ओर । चलें गाय की ओर | चलें प्रकृति की ओर ।
  • मंगल संकल्प : पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री राघवेश्वर भारती स्वामीजी, श्री रामचंद्रापुर मठ
  • मंगल प्रेरणा : पूज्य गोऋषि श्री श्री स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराज, पथमेडा
  • प्रवर्तक : पूज्य श्री श्री रविशंकरजी, पूज्य श्री श्री रामदेवजी बाबा, पूज्य श्री श्री माता अमृतानंदमयीजी, पूज्य आचार्य श्री श्री विद्यासागरजी, पूज्य आचार्य श्री श्री महाप्रज्ञजी, पूज्य आचार्य श्री श्री विजय रत्नसुंदर सुरीश्वरजी, पूज्य श्री श्री स्वामी दयानंद सरस्वतीजी, पूज्य श्री श्री मुरारी बापूजी महाराज, परम पूज्य श्री सत्गुरु जगजीत सिंह जी, पूज्य श्री श्री सयामडांग रिनपोचेजी
  • संघटन : पूज्य डा. प्रणव पंड्याजी के गौरवाध्यक्षता में राष्ट्रीय समिति, राज्य और जिला स्तर पर समितियाँ
  • समर्थन : सभी गो भक्तों का
  • यात्रा शुभारंभ : कुरुक्षेत्र, विजयदशमी, ३० सितंबर, २००९
  • अवधि : १०८ दिन
  • आयोजन : गाय को प्रार्थना, संदेश, जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पर्व का माहौल
  • कुल मार्ग : २०,००० कि.मी
  • सहयात्रायें : १५,००० (जिला तालूका – ग्राम केंद्रों से)
  • सहयात्रा मार्ग : १० लाख कि.मी
  • समापन : नागपुर, मकर संक्रांति, १७ जनवरी, २०१०
  • हस्ताक्षर अभियान : गो के प्रति हिंसा रोकने के लिए और गाय को राष्ट्रीय प्राणि का दर्जा दिलाने के लिए करोडों के संख्या मे हस्ताक्षर संग्रह होगा ।
  • भारत के राष्ट्रपति को प्रस्तावना : २९ जनवरी, २०१० को करोड़ों हस्ताक्षरों के साथ
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