अनिवार्यता
क्या यह यात्रा अपरिहार्य है ?
हाँ, यह कोरी काल्पनिक आवश्यकता नहीं है । यह आवश्यकता है करो या मरो की स्थिति तक पहुँचे एक राष्ट्र की । आधुनिक मानव विपरीत ध्रुवों और विरोधाभासों के मध्य फंसा है ।
शांति बनाम आनंद, प्राकृतिक बनाम यांत्रिक, समानुभूति बनाम स्वार्थ, प्रकृति बनाम पुरुष, दूर दृष्टि बनाम अदूरदर्शिता, सर्वांगीण लाभ बनाम वित्तीय लाभ, कृषि बनाम उद्योग, गौ आधारित कृषि बनाम यांत्रिक कृषि, ग्राम बनाम नगर, गुणवत्ता बनाम संख्या, स्वास्थ्यकारी भोजन बनाम जंक फूड, गहरी नींद बनाम द्रव्यजनित तंद्रा – ऐसे संधर्षों की तुलना में बाह्य आतंकवाद नगण्य है ।
किसान चेष्टा कर रहा है भूमि का सार तत्व खींच लेने की । उसकी दृष्टि में देशी बीज, गायें और खाद बेकार है । वह बहुराष्ट्रीय कंपनियों से संकर बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशक और कृषि उपकरण लेने को प्रस्तुत है । कुछ वर्षों तक बेहतर फसल और अधिक आय के भ्रमजाल को वह समृद्धि समझ बैठता । अपने बच्चों को शहरों में पढ़ा कर उन्हें वह गांवों और खेती से दूर करता है । कालांतर में कृषि के गलत तरीके उसकी भूमि का उपजाऊपन क्रमशः कम कर देते हैं । पैदावार घट जाती है और ऋण और कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं और वह आत्मा हत्या जैसे चरम कदम उठा बैठता है ।
यह एक अपवाद स्वरूप कहानी नहीं है । बल्कि हमारी जनसंख्या का ७०% माने जाने वाले आम किसानों की नियति है ।
एक और दृष्टि से मनुष्यों की स्थिति बेहतर है ।
- वन्यप्राणी जो कि पहले हजारों कि संख्या में थे, अब सैंकड़ों कि संख्या में आ गये हैं ।
- भूमि की सतह बंजर होती जा रही है, यह आश्चर्य की बात है कि कुछ जंगल अभी भी बचे हुए हैं ।
- गौ परिवार जो कि किसान का जीवन आधार है, घटता जा रहा है ।
- भारतीय गायों की ७० प्रजातियों में से केवल ३३ वची हैं । इन बची हुई नस्लों में भी कुछ में तो सिर्फ १० या २० गायें ही मौजूद हैं ।
- ६० वर्षों में वधशालओं की संख्या ३०० से ३६,००० हो गई है ।
- स्वाधीनता से अब तक देश, अपनी ८०% गौ संख्या खो चुका है ।

इस दुःखद स्थिति का एक स्थायी समाधान आज की आवश्यकता और चुनौती है । हमारे लिये गौ केंद्रित ग्रामीण जीवन ही श्रेष्ठ विकल्प है । पारस्परिक निर्भरता, देख-भाल, सम्मान और सब जीवों के हित के प्रति चिंता इस विचारधारा का मध्य बिंदु है । जीवन के प्रत्येक पल में यह सत्य परिलक्षित होता है ।
विश्व मंगल गौ ग्राम यात्रा इन पवित्र संदेशों को भारत के कोने-कोने तक पहुँचायेगी । कृपया इसके महत्व पर गौर करें ।



